डॉ. नीलम गोऱ्हे का जीवन संघर्ष और सामाजिक कार्यों की गाथा है – राज्यपाल रमेश बैस
मुंबई, दि. 14
विधान परिषद की उपाध्यक्ष डॉ. नीलम गोऱ्हे राजनीति की एक संस्कारी शख्सियत हैं और उनका जीवन संघर्ष और सामाजिक कार्यों की गाथा है। राज्यपाल रमेश बैस ने कल यहां कहा कि उनकी जीवन यात्रा उन महिलाओं के लिए हमेशा एक मार्गदर्शक और प्रेरणा बनी रहेगी जो राजनीति में आना चाहती हैं।
डॉ. गोऱ्हे की पुस्तक ‘एैस पैस गप्पा नीलमताईंशी’ का विमोचन राजभवन में राज्यपाल बैस और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया। इस समय गवर्नर बैस बोल रहे थे।
राज्यपाल बैस ने यह भी कहा कि इस पुस्तक में डॉ. नीलम गोऱ्हे की सामान्य कार्यकर्ता से उपसभापति तक की लम्बी जीवन यात्रा को व्यक्त किया गया है।
ग्रामीण, दूरदराज और आदिवासी इलाकों में महिलाओं के लिए नीलमताई का सामाजिक कार्य हमेशा जारी रहता है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि नई पीढ़ी को इस किताब के जरिए राजनीति से परे नीलमताई के सामाजिक सरोकारों के बारे में पता चलेगा।
डॉ गोऱ्हे ने कहा, सामाजिक और राजनीतिक कार्य करते समय समय का बहुत महत्व होता है। समय देना, लेना और रखना एक बड़ा अभ्यास है। लेखिका करुणा गोखले ने इन किताबों के लिए समय की योजना बनाने में बहुत मेहनत की है और इस किताब की यात्रा को शब्दों में बयां किया है।
इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य साहित्य एवं संस्कृति बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सदानंद मोरे, लेखिका करुणा गोखले और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

