हत्या की जांच को पटरी से उतारने के लिए डॉ. दाभोलकर का परिवार जिम्मेदार- चेतन राजहंस
मुंबई, दि. 21
डॉ. दाभोलकर की हत्या की जांच शुरू से ही पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर और राजनीतिक विचारों से की गई थी। सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता चेतन राजहंस ने जोर देकर कहा कि यह जांच पूरी तरह से गलत है और इसके लिए दाभोलकर परिवार और तत्कालीन नेता जिम्मेदार हैं।
वे सनातन संस्था की ओर से ‘तथाकथित विवेकवादी डॉ. दाभोलकर हत्याकांड: दुष्प्रचार और वास्तविकता’ विषय पर आयोजित विशेष ऑनलाइन संवाद में बोल रहे थे।
जैसा कि महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने कहा कि ‘दाभोलकरों की हत्या सनातन के साधकों ने की थी’, पुलिस ने उस संबंध में जांच की। सात सौ से अधिक सनातन साधकों से पुलिस ने पूछताछ की। लेकिन कुछ न हुआ। जांच शुरू करने से पहले ‘आरोपी व्यक्ति’ का निर्धारण किया गया और उस संबंध में जांच के माध्यम से झूठे साक्ष्य एकत्र किए गए। राजहंस ने यह भी कहा कि आरोपी और गवाह दो बार बदले गये।
डॉ. दाभोलकर के ‘महाराष्ट्र अंधविश्वास उन्मूलन ट्रस्ट’ को लोग जानते हैं; लेकिन उनका परिवर्तन नामक एक ट्रस्ट भी है, जिसमें उनके परिवार के अधिकांश सदस्य हैं। इस ‘परिवर्तन ट्रस्ट’ को विदेशी संस्था ‘स्विस एड फाउंडेशन’ से जैविक खेती के नाम पर करोड़ों का दान मिल रहा था, जो कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं मानता था। वह उस कानून के बावजूद विदेशी चंदा स्वीकार कर रहे थे, जिसके तहत कहा गया था कि अखबार चलाने वाला संगठन विदेश से चंदा नहीं ले सकता। राजहंस ने यह भी बताया कि इस संबंध में शिकायतों के बाद सरकार ने डॉ. दाभोलकर के ट्रस्ट का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया है।

