रिजेंसी अनन्तम के कारण दावड़ी रोड के ५००० लोग पानी के लिए दर दर भटकने को मजबूर
कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका से बहिष्कृत माने जाने वाले यहां के 27 गांव में हर तरफ अनियोजित निर्माणों से अनेक मूलभूत समस्या उत्पन्न हो रही है। जो कि भविष्य में विकराल रूप धारण कर सकती है।
यहां के लोगो की मुख्य समस्याओं में गंदगी की भरमार, नालों के सही ढंग से निर्माण नहीं होने के कारण जगह जगह पर जल जमाव, खराब सड़को के साथ सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है। अनेक गांव में नागरिकों को हफ्ते हफ्ते भर पानी ही नहीं मिल रहा है।
ताजा मामला यहां के 27 गांव में से एक गोलवली दावड़ी रोड का है। यहां पिछले छ महीने से नियमित रूप से पानी आना ही बंद हो गया है।
यहां डेढ़ महीने पहिले तक तो शुक्रवार सुबह ३-४ बजे पानी आता था लेकिन अब वो भी आना बंद हो गया है।
इससे यहां रहने वाले पांच हजार से अधिक लोग पानी के लिए दर दर भटकने को मजबूर है। और अनेक लोग हजार लीटर पानी की टंकी, पांच सौ रुपए में खरीदने को मजबूर है।
स्थानीय नागरिक इसके लिए इसी क्षेत्र में निर्माणाधीन विशाल गृह संकुल रिजेंसी अनन्तम को मानते है।
स्थानीय नागरिक के अनुसार यहां से पास में रिजेंसी अनन्तम में ३००० से अधिक फ्लैट का विशाल गृह संकुल निर्माणाधीन है। जहा पिछले ५-६ महीने से लोग रहने आने लगे है।
और इसी के बाद से दावडी रोड का पानी का प्रेशर कम होना शुरू हो गया। शुरुवात यानी ३-४ महीने पहिले प्रेशर कम हो कर सिर्फ शुक्रवार को ही पानी आता था। जो पिछले डेढ़ महीने से बिलकुल बंद हो गया है।
अगले दो तीन महीने में कल्याण डोंबिवली मनपा का चुनाव है। कल यहां के सभी वार्डो का आरक्षण भी घोषित हो चुका है
और इस क्षेत्र से अनेक इच्छुक उम्मीदवार है। लेकिन नागरिकों के बार बार मिन्नतो के वाबजूद कोई इस प्रश्न की तरफ ध्यान ही नही दे रहा है।
अनेक नागरिकों के अनुसार अनेक स्थानीय नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया। लेकिन अज्ञात कारणों से वे जल्द ही चुप भी हो गए।
इस मामले में यहां से इसी सत्र के भाजपा नगरसेवक रमाकांत पाटिल के अनुसार रिजेंसी अनन्तम ने एम आई डी सी में पैसे भरकर 3 MLD पानी की लाइन पास करवाया है।
औद्योगिक महामंडल ने पैसे लेकर गोलवली गांव के पानी के लाइन से रिजेंसी अनन्तम को 3 MLD पानी पास कर, पानी भी दे दिया।
लेकिन इस लाइन के लिए आवश्यक 3 MLD पानी का प्रेशर नही बढ़ाया है। इसी कारण उनके वार्ड के अनेक जगहों पर नागरिक पानी के लिए दर दर भटकने को मजबूर है।

