विभिन्न नागरिकों से मालमत्ता कर वसूल करने के लिए कल्याण डोम्बिवली मनपा ने पिछले दिनों व्यापक मुहिम चलाई थी। इस वसूली मुहिम के तहत बड़ी संख्या में नागरिकों ने मनपा को कर की रकम अदा करने की एवज में धनादेश दिए थे। इनमें से लगभग सत्तर नागरिकों के बैंक खाते में पर्याप्त रकम ना होने से तकरीबन आठ करोड़ की रकम मनपा के खाते में नहीं आयी। अब कल्याण डोम्बिवली मनपा ने आठ करोड़ की वसूली के लिए सत्तर नागरिकों के विरूद्ध अदालत में जाने का बड़ा फैसला लिया है।
गौरतलब हो कि मनपा ने ३१ मार्च २०१९ तक ६३२ करोड़ ८३ लाख रुपयों की वसूली की थी। जबकि मनपा ने ३५० करोड़ की वसूली का लक्ष निर्धारित किया था। मनपा ने गृह कर वसूली के लिए बकायादारों को समय समय पर सूचना भी दी और कर ना भरने की सूरत में जब्ती की चेतावनी भी दी थी। नागरिकों ने मनपा के खाते में विभिन्न स्त्रोतों से रकम जमा की। इसी कड़ी में कई नागरिकों ने धनादेश के रूप में कर की रकम जमा की। इन्हीं में से सत्तर लोगों के धनादेश पर्याप्त रकम के अभाव में मनपा के पास वापस आ गए। अब ऐसे धनादेशों के जारीकर्ताओं से मनपा अदालती कार्रवाई ज़रिये अपनी रकम वसूलने की तैयारी में है।