LatestNational

राम मन्दिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिये केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार यथाशीघ्र कानून बनाये – विहिप

विश्व हिन्दू परिषद के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से संसद के शीतकालीन सत्र में राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिये कानून बनाने की मांग की है । विहिप: कार्याध्यक्ष कुमार ने सोमवार को कहा कि परिषद् विश्व भर के करोडो हिन्दूओ के भावना से जुड़े राम मंदिर के निर्माण के लिए अदालत के फैसले का अनंतकाल तक इंतजार नहीं कर सकती। विहिप ने केंद्र सरकार से राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिये कानून लाने की अपील भी की ।

उनके अनुसार गत, “पांच अक्टूबर को संतों की उच्चाधिकार समिति की बैठक हुई है जिसमें यह निर्णय हुआ कि उच्चतम न्यायालय के फैसले का अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं किया जा सकता” ।विहिप के कार्याध्यक्ष ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने एक बार फिर मामले की सुनवाई को आगे बढ़ा दिया है उन्होंने कहा कि भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिये केंद्र सरकार कानून लाना चाहिए  ।

ज्ञात हो कि विहिप के कार्याध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब सोमवार को ही महज तिन मिनटों में उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के मामले को अगले वर्ष जनवरी तक टाल दिया है।

कुमार ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के लिये जनमत बनाने की पहल करते हुए विहिप सभी राज्य के राज्यपालों को ज्ञापन दे रही है । इसके बाद नवंबर महीने में देश भर में विहिप कार्यकर्ता क्षेत्र की जनता के साथ अपने सांसदों एवं जनप्रतिनिधियों से मिलेंगे और राम मंदिर के निर्माण के लिये कानून बनाने पर जोर देंगे । विहिप के कार्याध्यक्ष ने कहा कि दिसंबर माह में राम मंदिर के निर्माण के लिये देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर यज्ञ, पूजा और अनुष्ठान किया जायेगा । आलोक कुमार ने कहा, ‘‘ इसके बाद हम प्रयाग में कुंभ के दौरान 31 जनवरी से फरवरी के पहले सप्ताह तक आयोजित होने वाली धर्म संसद में स्थिति की समीक्षा करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे । ’’

उल्लेखनीय है कि न्यायालय ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना हक विवाद मामले में दायर दीवानी अपीलों को अगले साल जनवरी के पहले हफ्ते में एक उचित पीठ के सामने सूचीबद्ध किया है जो सुनवाई की तारीख तय करेगी।प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि उचित पीठ अगले साल जनवरी में सुनवाई की आगे की तारीख तय करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *