Categories: FEATURED

बढ़ते करोना के लिए आखिर जनता ही जिम्मेदार क्यों ?

(कर्ण हिन्दुस्तानी )
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दुबारा लॉक डाउन लगाने की चेतावनी (धमकी ) दी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यदि जनता ने दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया तो लॉक डाउन से सिवा अन्य कोई रास्ता नहीं है। मुझे शर्म आती है मुख्यमंत्री की ऐसी भाषा पर। यह देश के किसी राज्य का पहला मुख्यमंत्री होगा जो जनता पर ही सारी जिम्मेदारियां लाद रहा है और मेरा परिवार – मेरी जिम्मेदारी जैसे बेतुके स्लोगन सारे महाराष्ट्र में प्रसारित कर रहा है। जब सारी जिम्मेदारी जनता की है तो सरकार क्या सिर्फ कुर्सी की शोभा बढ़ाने के लिए बनायी गयी है। लॉक डाउन के बाद सरकारी अधिकारियों और नेताओं को कोई फर्क नहीं पड़ा है। फर्क पड़ा है तो आम जनता को। विभिन्न तरह की आर्थिक परेशानियों से जूझते हुए जनता अपनी ज़िंदगी की गाड़ी को पटरी पर लाने की कोशिश कर रही है। सरकार की तरफ से जनता को कोई भी सहूलत नहीं दी गयी। लाइट बिल , मकान की किश्त अथवा किराया , बैंक के अन्य क़र्ज़ सभी आम जनता के लिए जिम्मेदारी बने हुए हैं। ऐसे में जनता क्या करे? घर में खाने को नहीं है। नौकरी का पता नहीं है। अगर किसी की नौकरी है तो घर से कार्यस्थल पर आने जाने में ही आधा समय जा रहा है। तनख्वाह आधी मिल रही है। स्कूलों की फीस पूरी भरी जानी है। किसी भी तरह की कोई सहूलत नहीं है। कोरोना काल में जनता ने जो भुगता है वह जनता ही जानती है। भरी विधान सभा में अजीत पवार ने कहा था कि अगला निर्णय आने तक किसी की भी बिजली काटी नहीं जाएगी। मगर आज भी राज्य में सरेआम बिजली काटी जा रही है। कोई जनता की सुनने वाला नहीं है। सीधे शब्दों में कहें तो इस वक़्त महाराष्ट्र में जनता का वाली कोई नहीं है। सरकार सौ करोड़ का मामला सुलझाने में लगी है और जनता सौ – सौ रूपये के लिए कोरोना संकट काल में भी मेहनत कर रही है। महाराष्ट्र सरकार की लापरवाही का इससे बड़ा सबूत क्या हो सकता है कि एक शॉपिंग मॉल में कोविड सेंटर खोला गया और उसमें आग लग कर कई कोरोना मरीजों की मौत हो गयी। आश्चर्यजनक बात यह है कि मुंबई की महापौर को भी इस कोविड सेंटर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। यही वजह है कि अग्निकांड के तुरंत बाद महापौर ने कहा कि शॉपिंग मॉल में कोविड सेंटर किसकी इजाजत से शुरू किया गया ? जबकि मुख्यमंत्री का कहना था कि मॉल में कोविड सेंटर ३१ मार्च को बंद किया जाने वाला था। इससे पता चलता है कि केंद्र सरकार से कोविड के नाम तले मिलने वाली रकम की किस तरह से महाराष्ट्र में बंदर बाँट की जा रही है ? ऐसे में जनता पर लापरवाही का ठीकरा फोड़ना कहाँ तक उचित है ? जनता को घर चलाना मुश्किल हो रहा है और सरकार लॉक डाउन की धमकी देकर जनता से क्रूर मजाक करने से बाज़ नहीं आ रही है। मेरा तो कहना है कि महाराष्ट्र सरकार को अब मेरी जनता – मेरी जिम्मेदारी वाला स्लोगन जारी कर उस पर अमल करना चाहिए , वरना हम तो निजी तौर पर मानते ही हैं कि महाराष्ट्र सरकार हर मौके पर असफल साबित हुई है।

Mumbai AasPaas

Recent Posts

कल्याण सामूहिक बलात्कार कांड: पीड़िता की जाति पर सस्पेंस जारी; स्थानीय हिंदू संगठनों ने जताया ‘लव जिहाद’ का शक, इलाके में हड़कंप

कल्याण: महाराष्ट्र के कल्याण में एक प्रतिष्ठित कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत युवती से…

21 hours ago

अग्रवाल समाज कल्याण (पंजी.) द्वारा टिटवाला के ‘पारस बाल भवन’ में खाद्य सामग्री एवं नाश्ता वितरण कार्यक्रम का आयोजन

टिटवाला (ठाणे): "सेवा ही हमारा धर्म है" के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए अग्रवाल…

2 days ago

राम मंदिर दान मामले में कथित गड़बड़ी पर RSS ने जताया दुख, जांच एजेंसियों और ट्रस्ट को लेकर कही ये बड़ी बात

कर्नाटक के बेलगावी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक रविवार…

2 days ago

कल्याण: रेलवे स्टेशन से महालक्ष्मी होटल तक सरेआम चलने वाले गंदे धंधे पर पुलिस का कड़ा प्रहार; सालों पुराने कलंक से मिली मुक्ति

कल्याण रेलवे स्टेशन परिसर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में वर्षों से सरेआम चल रहे…

3 days ago

कडोमपा की लापरवाही: कल्याण का मुख्य श्मशान घाट बना कचरे का ढेर, जनता में आक्रोश

कल्याण (पश्चिम): कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका (कडोमपा) के अंतर्गत आने वाले कल्याण पश्चिम, मुरबाड रोड (रोशन…

4 days ago

राम मंदिर ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों पर करोड़ों के गबन का आरोप, कल्याण में कांग्रेस नेताओं ने पुलिस में दी शिकायत

कल्याण शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट नवीन सिंह और अन्य पदाधिकारियों द्वारा महात्मा…

5 days ago