ठाणे, दि . 13
सौहार्द स्थापित करने के लिए समान नागरिक कानून जरूरी है। केरल के राज्यपाल और वरिष्ठ विचारक आरिफ मोहम्मद खान ने यहां कहा कि यह अधिनियम ‘महिलाओं को समान न्याय दिलाने’ में प्रभावी होगा जो समाज की बहुत महत्वपूर्ण सदस्य हैं।
रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी ने ‘समान नागरिक कानून के लिए क्या और कैसे?’ विषय पर आरिफ मोहम्मद खान का एक व्याख्यान आयोजित किया। इस समय वह बात कर रहे थे।प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे, कोषाध्यक्ष अरविंद रेगे, कार्यकारी निदेशक डॉ. जयंत कुलकर्णी, कार्यकारी सदस्य सुजय पाटकी मंच पर थे।
इस कानून के लागू होने से कोई भी किसी भी धर्म या संप्रदाय में हस्तक्षेप नहीं करेगा, किसी भी धर्म पर कोई संकट आए बिना सभी के धार्मिक अधिकार बरकरार रहेंगे। जब तीन तलाक से संबंधित कानून लागू किया गया था, तब भी विभिन्न निहित स्वार्थों द्वारा इसी तरह का विरोध और भेदभाव किया गया था। खान ने कहा, लेकिन कानून लागू होने के बाद किसी के धार्मिक अधिकार प्रभावित नहीं हुए, बल्कि तलाक की दर लगभग 95 प्रतिशत कम हो गई, जिससे अनगिनत महिलाओं और परिवारों के जीवन में सुधार हुआ।
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