रेलवे की तकनीकी खामियों का खामियाजा भुगत रहे हैं कल्याण के यात्री।
कल्याण – मुंबई का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले कल्याण रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को रेलवे की तकनिकी खामियों की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि रेलवे को सबसे ज्यादा आय इसी कल्याण जंक्शन से होती है।
गौरतलब है कि कल्याण जंक्शन से रोजाना उत्तर भारत और दक्षिण भारत की ओर जाने वाली सैंकड़ों गाड़ियों का आवागमन होता है। इसके अलावा उपनगरीय गाड़ियों का आवागमन भी होता है। रोजाना लाखों लोग कल्याण स्टेशन से यात्रा करते हैं। मगर समस्याओं का कोई भी समाधान नहीं निकल रहा है। प्लेटफार्म क्रमांक एक और एक ए की बात करें तो यह दोनों प्लेटफार्म जब बनाए गये थे तब यह कहा गया था कि यहाँ से उत्तर भारत कि तरफ जाने वाली गाड़ियों का आवागमन होगा। मगर प्रत्यक्ष रूप से ऐसा कुछ भी नहीं हुआ
रेलवे ने लाखों रूपये खर्च कर एक नंबर प्लेटफार्म पर यात्रियों के लिए वेटिंग रूम भी बनाया। इस वेटिंग रूम को बाद में ध्वस्त कर दिया गया। अब रेलवे ने नया राग अलापते हुए कहा हैं कि उत्तर भारत कि तरफ जाने वाली गाड़ियों को यदि एक नंबर प्लेटफार्म पर लाया जाता है तो डायमंड क्रासिंग का सामना करना पड़ता है जिससे अन्य गाड़ियां लेट होतीं हैं। डायमंड क्रासिंग पर यदि बात करें तो जब प्लेटफार्म क्रमांक एक और एक ए को लम्बी दूरी कि गाड़ियों के अनुसार बनाया गया था तब डायमंड क्रासिंग का मामला किसी रेलवे अधिकारी को नज़र क्यों नहीं आया।
ऐसा भी नहीं कि आज तक एक नंबर प्लेटफार्म से कोई भी लम्बी दूरी कि गाडी रवाना नहीं की गयी। महानगरी के साथ अनेक अन्य लम्बी दूरी की गाड़ियां यहाँ से रवाना कीजाती रही हैं। फिर अचानक क्यों सबकुछ रोक दिया गया ? क्यों डायमंड क्रोसिंग का मुद्दा सामने रखा गया ? कोई नहीं जानता। प्लेटफार्म क्रमांक एक और एक ए पर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस की तरफ एक भी पादचारी पुल नहीं है। जिससे यात्रियों को पूरा प्लेटफार्म चलकर कसारा की ओर बढ़कर पुल पर चढना पड़ता है।
इन सबसे अलग एक बात और भी है कि प्लेटफार्म क्रमांक एक को बनाए जाते समय इसे होम प्लेटफार्म के रूप में प्रचारित किया गया था मगर फिर अचानक इस प्लेटफार्म पर ग्रिल लगा दी गयी। अब डबल डिस्चार्ज का प्रस्ताव डी आर एम की मेज पर धूल खाते पड़ा है । यात्रियों को अपने हिसाब से सुविधाएं देने के बजाए मध्य रेलवे कल्याण डोम्बिवली मनपा के भरोसे भी बैठी है।मनपा ने रेलवे को पत्र लिख कर लोकग्राम से एक नया पुल बनाने का प्रस्ताव भेजा है। यह नया पुल स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनेगा। इस पुल के लिए रेलवे इजाज़त देने पर भी सुस्त तरीके से विचार कर रही है। जबकि यह पुल प्लेटफार्म क्रमांक एक और प्लेटफार्म क्रमांक एक ए के मुंबई छोर पर उतरने वाले यात्रियों की काफी समस्याओं को हल कर सकता है।
इन सबसे अलग कुछ जानकार लोगों का यह भी कहना है कि प्लेटफार्म क्रमांक चार और पांच पर खानपान की सबसे ज्यादा कैंटीन हैं और यदि उत्तर भारत की तरफ जाने वाली गाड़ियां एक नम्बर से आवागमन करती हैं तो इन कैंटीन वालों के व्यवसाय पर असर पड़ता है। यही वजह है कि कैंटीन वालों ने अपनी पहुँच का इस्तेमाल करते हुए उत्तर भारत की तरफ जाने वाली गाड़ियों का प्लेटफार्म बदलवाया हुआ है। रेलवे भी डायमंड क्रोसिंग का मुद्दा सामने रख कर इस मुद्दे से अपनी इतिश्री कर लेती है। यदि मध्य रेलवे अपने यात्रियों को सुविधा देने की मंशा कायम कर ले तो पत्री पुल के आगे छोटा सा पुल बना कर डायमंड क्रोसिंग कि समस्या को हल कर सकती है। ऐसे पुल हार्बर लाइन पर बने हुए हैं। मगर रेलवे यात्रियों कि सुविधाओं पर कम और कुछ ख़ास लोगों की सुविधा पर ज्यादा ध्यान दे रही है जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
