मुंबई, दि. 24
अगर मरीज की मौत हो जाए और शव ले जाने के लिए शव वाहन उपलब्ध न हो तो ग्रामीण इलाकों में मरीज के परिजनों को अनिच्छा से शव ले जाना पड़ता है। इसलिए, राज्यपाल रमेश बैस ने आज यहां सुझाव दिया कि राज्य सरकार को शवों के परिवहन के लिए शववाहन सेवाएं प्रदान करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
राजभवन में आयोजित बैठक में राज्यपाल बैस ने बोलते हुए राज्य लोक स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस अवसर पर राज्य के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. तानाजी सावंत उपस्थित थे।
राज्यपाल ने संविधान की पांचवीं अनुसूची के अनुसार राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों के विकास पर ध्यान देने की जिम्मेदारी बताते हुए अनुसूचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावशीलता की जानकारी देने का सुझाव दिया।
ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली हैं. इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि विशेषज्ञ डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने के इच्छुक नहीं हैं, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन भत्ता देने का प्रस्ताव दिया है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मिलिंद म्हैस्कर और स्वास्थ्य आयुक्त धीरज कुमार ने राज्यपाल को राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं, जनशक्ति की वर्तमान स्थिति और स्वास्थ्य सेवा में रिक्तियों, विभाग की सफल गतिविधियों, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, महाराष्ट्र आपातकालीन चिकित्सा सेवा परियोजना के बारे में जानकारी दी।
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