कल्याण रेलवे स्टेशन पर निजी ब्लड बैंक के स्टेशन पर रक्तदान शिबिर लगाने देने के विरोध में कुछ दिन पहले ही कल्याण की एक सामाजिक संस्था ने रेल अधिकारियों को पत्र लिखकर उनको सलाह दी थी की स्टेशनो पर आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर में या तो सरकारी ब्लड बैंक हिस्सा ले, या जिस भी प्राइवेट ब्लड बैंक को यह कैंप आयोजन हो करना हो, वह रेल प्रशासन को लिखित रूप से दे की रेलवे परिसर में होने वाली किसी भी दुर्घटना के शिकार रेलयात्री को मुफत खून उपलब्ध कराया जायेगा।
बावजूद इसके रेलवे प्रशासन ने इस मुद्दे को नजरंदाज किया है, यहाँ सोचने वाली बात तो यह है कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर छोटे-छोटे बोर्ड लगाने के लिये दुनिया भर की कानूनी कार्यवाही करने के अलावा भरपूर फीस भरनी पड़ती है। लेकिन इन ब्लड बैको के लिये कोई कानून नही है खाली इन्हें रेलवे के वरिष्ठ आकाओ को खुश करना होता है और फिर बड़े-बड़े बोर्ड इनके नाम के स्टेशनो के प्लेटफार्म पर चमकने लगते है।
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