मुंबई के उत्तरभारतीय बिल्डर ने की कल्याण में बैंक और अपने मृत पार्टनर्स से 21 लाख की चीटिंग
*अर्जुन विजयनारायण उपाध्याय* नाम के चीटर ने कल्याण में सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया और अपने पार्टनर्स के साथ चीटिंग कर ली। अर्जुन उपाध्याय और उसका बाप चीटिंग ही करते रहते हैं लेकिन इस बार ‘अर्जुन का निशाना’ गलत जगह लग गया। इस बार वह जेल जायेगा।
जानकारी के अनुसार अर्जुन उपाध्याय (34) मुंबई के उपनगर सायन में रहता है। उपाध्याय पेट्रोल पम्प और भवन निर्माण के व्यवसाय से जुड़ा है। कल्याण में भी वह इस धंधे में सक्रिय है। ओम साईं ऑटोमोबाइल्स नाम से उसकी कंपनी का कार्यालय कल्याण (पूर्व) के चिंचपाड़ा में है। इस कंपनी में उपाध्याय को लेकर तीन पार्टनर्स थे। दो पार्टनर्स की मौत हो गई।
यहीं पर उपाध्याय ‘भइयागिरी’ पर आ गया। वह कल्याण (पूर्व) की सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया शाखा में गया। बैंक मैनेजर को उसने बताया कि उसके दोनों पार्टनर्स की मौत हो गयी है। आर्थिक व्यवहार के लिए उसके दोनों पार्टनर्स ने उसे एनओसी दी हुई है। बैंक मैनेजर उपाध्याय के झांसे में आ गया। मैनेजर ने कंपनी के खाते में बचे 21 लाख रुपये उपाध्याय के खाते में ट्रांसफर कर दिए। उपाध्याय ने पहले से ही ओम साईं ऑटोमोबाइल्स नाम से मिलती जुलती नई कंपनी खोल रखी थी। उसके खाते में रुपये जाते ही उसने उसे तुरंत अपने दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिया।
एक बैंक कर्मचारी ने बताया कि बैंक की बाकी फॉर्मेलिटीज पूरी होनी थी लेकिन डॉक्युमेंट्स झेरोक्स कराने के बहाने उपाध्याय बैंक से बाहर गया और फरार हो गया। उसके एक पार्टनर की विधवा पूर्णिमा मिश्रा ने उपाध्याय के खिलाफ पुलिस को अप्रोच किया है।

