मुंबई, दि. 24
राज्यपाल रमेश बैस ने आज यहां अपील की कि भविष्य में देश में कर संस्कृति विकसित करने के लिए आयकर विभाग को नागरिकों विशेषकर युवाओं में कर साक्षरता पैदा करनी चाहिए।
वह आयकर विभाग की मुंबई शाखा द्वारा आयोजित 164वें आयकर दिवस कार्यक्रम में बोल रहे थे।
पिछले 9 सालों में सरकार ने टेक्नोलॉजी की मदद से आयकर भुगतान को आसान बनाया है और आयकर दाताओं को बढ़ाने की कोशिश की है। गवर्नर बैस ने कहा कि इस दौरान आयकर से आय 167 प्रतिशत बढ़ी, जबकि आयकर रिटर्न की संख्या 2.96 करोड़ से बढ़कर 7.63 करोड़ हो गई।
पूरे देश के 16 लाख करोड़ के प्रत्यक्ष कर में से अकेले मुंबई का योगदान 5 लाख करोड़ है। उन्होंने कहा कि अकेले मुंबई राज्य के कुल आयकर का एक तिहाई योगदान देता है।
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि भविष्य में सभी क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आएगी और अगर इसका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो देश में करदाताओं की संख्या बढ़ेगी, कर निर्धारण सटीक होगा, दक्षता बढ़ेगी और कर रिटर्न भी सही मात्रा और समय में दिया जाएगा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सीईओ आशीष कुमार चौहान ने भी बात की। गीता रविचंद्रन, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (मुंबई) ने परिचय दिया।
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