मुंबई, दि. 5
पिछले महीने शरद पवार साहब ने इस्तीफा दिया और वापस ले लिया। अगर आपको अपना इस्तीफा वापस लेना था तो दिया ही क्यों? उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने आज यहां राकांपा प्रमुख शरद पवार से यह बेवकूफी भरा सवाल पूछा।
एनसीपी से बगावत के बाद अजित पवार के गुट की पहली सार्वजनिक बैठक बांद्रा में हुई। इस समय अजित पवार बोल रहे थे।
एक उम्र होती है। आपको उस उम्र में रुकना होगा। चाहे वह किसान हो, सरकारी अधिकारी हो या उद्योगपति, राजनेता। लेकिन वरिष्ठ नेता रुकने को तैयार नहीं हैं। क्या वे बहुत जिद्दी हैं? लेकिन वास्तव में यह किस लिए है? मैंने सुप्रिया से कहा, तुम्हें सर से बात करनी चाहिए, समझाना चाहिए, लेकिन नहीं। वे रुकना नहीं चाहते। युवा नेतृत्व को आशीर्वाद क्यों नहीं? क्या यह मेरी गलती है कि मैं किसी से पैदा नहीं हुआ? अगर यह गलत है तो कहें कि यह गलत है, लेकिन इससे ऐसा नहीं होता, अजित पवार ने हमला बोला।
मेरा जन्म शरद पवार की छत्रछाया में हुआ, मेरा जन्म उनकी छत्रछाया में हुआ। वे हमारे पूजा स्थल हैं।पवार ने यह भी कहा कि राज्य स्तर और देश स्तर पर चल रही राजनीति को देखते हुए कुछ निर्णय जरूरी है।
छगन भुजबल ने शरद पवार के कामकाज के तरीकों की कड़ी आलोचना की। हम किसी के भी साथ जाएं, विचारधारा बनी रहनी चाहिए। हड़ताल की राजनीति से काम नहीं चलेगा। 2019 चुनाव से पहले या बाद में क्या चर्चा हुई? क्या शपथ लेने के लिए सुबह-सुबह उठ गए अजित पवार? हम अक्सर दिल्ली में चर्चा करते थे और कुछ दिनों के बाद वापस चले जाते थे। भुजबल ने सवाल उठाया कि हमें इस बात का एहसास कैसे नहीं होता कि ऐसी राजनीति के कारण कई नेताओं की बदनामी होती है।
अब तक अजित पवार का सबसे ज्यादा अपमान हुआ है और उन्हें सबसे ज्यादा बार झुकना पड़ा है।अजित पवार की अब तक काफी आलोचना हो चुकी है। लेकिन फिर भी उन्होंने ये अपमान सहा। धनंजय मुंडे ने कहा कि उन्होंने शरद पवार के लिए सब कुछ सहा।
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