मुंबई, दि. 13
उच्च न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता नवाब मलिक को जमानत देने से इनकार कर दिया, जो गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम की मुंबई संपत्तियों से संबंधित वित्तीय हेराफेरी के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई की एकल पीठ ने मलिक की याचिका पर फैसला सुनाते हुए उन्हें चिकित्सा आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया।
मलिक फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं लेकिन किडनी के इलाज के लिए पिछले कई महीनों से कुर्ला के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। विशेष अदालत द्वारा चिकित्सा आधार पर जमानत देने से इनकार करने के बाद मलिक ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
ईडी ने यह भी दावा किया कि मलिक द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट मेडिकल जमानत के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा, इस दावे के समर्थन में जेजे अस्पताल की विशेषज्ञ रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई। मलिक का उनके द्वारा सुझाए गए निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसलिए ईडी की ओर से दावा किया गया कि उन्हें मेडिकल जमानत देने की कोई जरूरत नहीं है।
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