मुंबई, दि. 30 जून
चिंताजनक बात यह है कि मणिपुर में दो महीने से हिंसा जारी है और देश के प्रधानमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर चुप हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हिंसा प्रभावित राज्य मणिपुर की यात्रा से वहां शांति और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा नहीं मिला। पूर्व मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष नसीम खान ने मांग की है कि मणिपुर में हिंसा और नफरत को तुरंत रोकने के लिए राज्य सरकार को भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
पूर्व मंत्री नसीम खान के नेतृत्व में अल्पसंख्यक समूहों, ईसाई संगठनों और आदिवासी नेताओं ने राजभवन में राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की और मणिपुर मुद्दे पर राष्ट्रपति को एक बयान सौंपा। इस बयान में ये मांग की गई है।
मणिपुर में दशकों से सभी जाति और धर्म के लोग एक साथ रहते आए हैं। लेकिन दो महीनों में हुई हिंसा में 200 से अधिक पूजा स्थल नष्ट हो गए और 12,000 से अधिक लोग विस्थापित हो गए। बयान में कहा गया है कि चूंकि कई अनुरोधों के बावजूद केंद्र सरकार ने कोई मदद नहीं दी है, इसलिए तुरंत राष्ट्रपति शासन लागू करना जरूरी है।
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