विधानसभा चुनाव के 12 दिन बीत जाने के बावजूद राज्य में सत्ता नहीं स्थापित होने के लिए कौन जिम्मेदार है यह तो समय ही बताएगा. लेकिन भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कि दुबारा मुख्यमंत्री पूरे 5 साल तक बने रहने की लालसा कहीं महाराष्ट्र की सत्ता से भाजपा को दूर नहीं कर दे. ये सम्भावनाये आम जन में व्यक्त की जाने लगी है.
ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव परिणाम आने के साथ ही देवेंद्र फडणवीस ने लगातार बयानबाजी करते हुए यह दावा किया कि दुबारा पूरे 5 साल मै ही मुख्यमंत्री बनूंगा. जबकि विधानसभा में चुनाव में भाजपा को महज 105 सीट ही मिली थी और राज्य में सत्ता स्थापित करने के लिए आवश्यक विधायकों की संख्या 145 है
पिछली बार की तरह इस बार राकपा ने भाजपा को समर्थन देने से साफ इनकार कर दिया है ऐसे में भाजपा के पास एकमात्र विकल्प है कि वह शिवसेना को अपने साथ ले कर सत्ता स्थापित करें. लेकिन भाजपा नेतृत्व के साथ देवेंद्र फडणवीस भी शिवसेना की दावेदारी को लगातार अनसुनी करते हुए खुद को मुख्यमंत्री बनाने की लगातार दावेदारी कर रहे हैं.
दूसरी तरफ शिवसेना भाजपा से लोकसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे को पूरा करने की बात लगातार क्र रही है शिवसेना सांसद संजय राउत के अनुसार लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ बैठक हुई थी जिसमें अगले विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद राज्य में ढाई ढाई साल भाजपा और शिवसेना के मुख्यमंत्री रहने और राज्य मंत्रिमंडल में आधे आधे की हिस्सेदारी पर मुहर लगी थीइस बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उपस्थित थे.
अब राज्य में विधानसभा चुनाव भी संपन्न हो गए हैं और किसी भी दल को आवश्यक सरकार बनाने के लिए आवश्यक विधायकों की संख्या नहीं है चुनाव पूर्व भाजपा शिवसेना के गठबंधन के कारण और दोनों दलों के पास आवश्यक संख्या बल होने के कारण नई सरकार भाजपा शिवसेना की बनेगी ऐसी संभावना आम जन में थी
शिवसेना सांसद राउत लगातार लोकसभा चुनाव के पहले किए गए समझौते को निभाने की बात कर रहे हैं और देवेंद्र फडणवीस खुद को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की दावेदारी कर रहे हैं ऐसे में रोज भाजपा शिवसेना के नेताओं की तीखी बयानबाजी का स्तर लगातार गिरता जा रहा है शिवसेना के तरफ से भाजपा को बिना साथ लिए राज्य में सरकार बनाने के विकल्पों पर भी काम शुरू कर दिया गया है
वहीं राकांपा प्रमुख शरद पवार भी राज्य में बिना भाजपा के नई सरकार गठित होने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं ऐसे में यह माना जा सकता है कि कहीं देवेंद्र फडणवीस के द्वारा मुख्यमंत्री बनने की लालसा के चक्कर में राज्य में सबसे बड़ी विधानसभा सीट जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी को राज्य सत्ता से दूर ही नहीं रहना पड़ जाए
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