मुंबई, दि. 14
स्कूली छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा बनाए रखने के लिए बच्चों को लगातार नई-नई चीजें करते रहना चाहिए। ‘इंडियन साइकियाट्री सोसाइटी’ के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने जोर देकर कहा कि इससे बच्चों में रचनात्मकता बढ़ेगी।
लोकमान्य तिलक नगर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में ‘स्कूली छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य’ विषय पर एक सेमिनार में डॉ. कुमार बोल रहे थे।
सेमिनार में कोरोना के बाद की शिक्षा, कामुकता, किशोरावस्था और स्कूली मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में किशोर मुद्दों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई।
सेमिनार में राज्य भर के कई स्कूलों के प्राचार्यों, शिक्षकों और मनोवैज्ञानिकों ने भाग लिया, राज्य भर के 600 से अधिक स्कूलों ने सेमिनार में भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया। इस अवसर पर मुंबई मनोरोग सोसायटी के अध्यक्ष डाॅ. अविनाश देसुसा, डाॅ. केर्सी चावड़ा सहित विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया।
स्कूली छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों की भी उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। माता-पिता को बच्चों के साथ लगातार संवाद करना चाहिए, उनके साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहिए। बच्चों के विकास और वृद्धि के लिए अच्छा मानसिक स्वास्थ्य बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए बच्चों के लिए रोजाना व्यायाम, तैराकी, शारीरिक खेल, बौद्धिक खेल, पढ़ना, ड्राइंग के साथ-साथ नई चीजें सीखना बहुत जरूरी है। सेमिनार में यह भी व्यक्त किया गया कि शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी प्रयास करना चाहिए।
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