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शशिधर त्रिपाठी की ऋतंभरा

लेखक कोई पेशे से नहीं बल्कि हृदय से होता है, यह बात चरितार्थ होती है मध्य रेलवे के मुख्यालय में कार्यरत कवि एवं लेखक शशिधर रामजी त्रिपाठी पर. जिन्होंने न केवल अपने गद्य लेखन और प्रकाशन में झंडा गाड़ा है बल्कि ऋतंभरा नामक काव्य संग्रह को प्रकाशित कर सिद्ध कर दिया है। श्री त्रिपाठी ने अपने इस काव्य संग्रह में भारतीय जनजीवन और लौकिक परंपराओं को बखूबी प्रस्तुत किया है।

साहित्य अकादमी पुरस्कार से अलंकृत श्री त्रिपाठी की नवीनतम रचना “ऋतम्भरा” भारतीयता, मानवमूल्यों और संवेदनाओं को अच्छी तरह प्रस्तुत करने वाली उत्कृष्ट, सारगर्भित और छंदबद्ध कविताओं का संग्रह है।

इसमें साहित्य का आदर्श, समाज की चेतना, काव्य की गेयता का उत्तम समन्वय है। कवि ने अपनी गहन चेतना में उपजे भावों को अपने अध्ययन और अनुभव की गहराई के साथ प्रस्तुत किया है। ये कविताएं लोकजीवन के अनुभव, संस्कृति और समाज की उच्च परंपराओं से निकली हैं।

48 कविताओं के संग्रह को महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के आर्थिक सहयोग से “राधे प्रकाशन”, प्रयागराज से प्रकाशित किया गया है। इसकी प्रस्तावना अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री ऋषि कुमार ने लिखा है।

आधुनिक काल के श्रेष्ठ समीक्षक डॉ. श्यामसुंदर पांडेय ने भारतीय काव्यशास्त्र की दृष्टि से इसे उत्तम काव्यसंग्रह कहा है। सजिल्द डिमाई साइज की 112 पृष्ठों की पुस्तक का मूल्य ₹ 250 है।

श्री त्रिपाठी जी एक अच्छे कहानीकार भी हैं। तीन वर्ष पूर्व उनका कहानी संग्रह “अभिलाषा” प्रकाशित हुआ था। कुछ समय पहले मुंबई के रंग शारदा सभागार में प्रसिद्ध साहित्यकार चित्रा मुदगल और श्रीधर पराड़कर के हाथों उस संग्रह को महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी का मुंशी प्रेमचंद पुरस्कार प्रदान किया गया था।

ज्ञातव्य है कि ऋतंभरा काव्य संग्रह का लोकार्पण समारोह कल्याण के केएम अग्रवाल महाविद्यालय में 24 सितंबर, रविवार को रखा गया है।

समारोह के संयोजक अग्रवाल समाज, कल्याण के अध्यक्ष अनिल गर्ग ने बताया कि समारोह के प्रमुख अतिथि डॉ. आर.बी. सिंह और अध्यक्षता डॉ. अनिता मन्ना, प्राचार्य, के एम कालेज, करेंगी।

लोकार्पण समारोह में काफी संख्या में साहित्यप्रेमियों के भाग लेने की आशा है। इस समारोह में भव्य कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया है जिसमें सर्वश्री रामस्वरूप साहू, संजय द्विवेदी, प्रवीण देशमुख, सत्यदेव विजय, मदन उपाध्याय इत्यादि का काव्यपाठ होगा।

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