समाज निर्माण हेतु ‘साप्ताहिक सनातन प्रभात’ का कार्य उल्लेखनीय – दुर्गेश पारुलकर
मुंबई, दि. 20
वरिष्ठ लेखक एवं व्याख्याता दुर्गेश पारुलकर ने कल यहां कहा कि साप्ताहिक ‘सनातन प्रभात’ विज्ञान, नीति, धर्म, न्याय, राष्ट्रीय शिक्षा, त्योहारों, उत्सवों की शिक्षा देकर समाज निर्माण का कार्य विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
वह माटुंगा (प.) के लक्ष्मीनारायण बाग सभागार में ‘साप्ताहिक सनातन प्रभात’ की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
‘सनातन प्रभात’ की उप संपादक रूपाली वर्तक ने कहा कि राष्ट्र और धर्म के पुनरुत्थान के लिए वैचारिक मिलन को सिद्ध करना ही ‘सनातन प्रभात’ का केंद्र बिंदु है. सनातन संस्था की प्रवक्ता नयना भगत ने कहा कि ‘हिन्दू राष्ट्र’ के विचार को जन-जन तक पहुंचाने में ‘सनातन प्रभात’ का विशेष योगदान है.
इस अवसर पर ‘साप्ताहिक सनातन प्रभात’ के वार्षिकोत्सव अंक का विमोचन किया गया।’सनातन प्रभात’ की विशेषताओं पर प्रकाश डालने वाला एक ऑडियो वीडियो दिखाया गया। समारोह का सीधा प्रसारण सनातन प्रभात के यूट्यूब चैनल पर किया गया। ‘सनातन प्रभात’ के कुछ पाठकों ने भी अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं। कार्यक्रम स्थल पर ‘सनातन प्रभात’ कक्ष, विभिन्न विषयों पर पुस्तक प्रदर्शन, राष्ट्र-धर्म पर पैनल प्रदर्शन का आयोजन किया गया।

