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अटल बिहारी वाजपेई की कविताओं का मराठी अनुवाद शीघ्र ही पुस्तक रूप में

मुंबई, दि. 16
पूर्व प्रधान मंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं का मराठी में अनुवाद अनुभवी कवि और गीतकार प्रोफेसर प्रवीण दवणे ने किया है और उनकी पुस्तक जल्द ही प्रकाशित की जाएगी, भाजपा मुंबई अध्यक्ष विधायक एडवोकेट आशीष शेलार ने आज घोषणा की।
वह वाजपेयी स्मृति दिवस के अवसर पर बांद्रा स्थित ‘प्रतिभांगन’ पुस्तकालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे। इस अवसर पर कविताओं के अनुवादक प्रो. प्रवीण दवणे, ग्रंथाली के प्रकाशक एवं ट्रस्टी सुदेश हिंग्लासपुरकर उपस्थित थे।
एक साल पहले विलेपार्ले में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रो.दवणे ने अटल बिहारी वाजपेयी की कुछ कविताओं का मराठी अनुवाद प्रस्तुत किया था। उस समय उपस्थित विधायक शेलार ने प्रोफेसर दवणे से अटलजी की सभी कविताओं का अनुवाद करने का अनुरोध किया।
दवणे ने इस काम को एक प्रोजेक्ट की तरह लिया और लगन से पूरा किया। यह पुस्तक ग्रंथाली द्वारा प्रकाशित की जाएगी।
अटल बिहारी वाजपेयी की कविताएं देशभक्ति, अखंड भारत का सपना, युवाओं को प्रेरणा देने वाली हैं। प्रोफेसर ने कहा, उनकी कविताओं का अनुवाद उनके शब्दों का अनुवाद नहीं है, बल्कि उनकी हिंदी भाषा संस्कृत से प्रभावित है और उनकी कविता भावनात्मक है, दवणे ने इस मौके पर कहा।
इंसानियत की गवाही देने वाली उनकी शायरी किसी दलीय ढांचे में फिट नहीं बैठती। इस वजह से इन कविताओं का अनुवाद करना एक बड़ी चुनौती थी, जिसके लिए मैंने अटलजी की हिंदी को समझने के लिए काशी के एक पंडित की मदद ली। इसी कारण प्रो. दवणे ने भी यह भावना व्यक्त की कि यह कार्य नियति द्वारा किया गया है। ग्रंथाली के ट्रस्टी सुदेश हिंग्लासपुरकर ने पुस्तकों के निर्माण के पीछे की भूमिका प्रस्तुत की।
यह घोषणा की गई कि पुस्तक दिल्ली और मुंबई में प्रकाशित की जाएगी। पुस्तक का कवर चित्रकार हेमन्त जोशी द्वारा किया गया और इस अवसर पर कवर का अनावरण भी किया गया।

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