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चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री के मुद्ददे पर उद्धव ठाकरे चुप क्यों थे ? – अमित शाह

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने से नुकसान ना तो शिवसेना का हुआ है ना कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का हुआ है इससे नुकसान भाजपा का हुआ है राज्य में राष्ट्रपति शासन के पहले देवेंद्र फडणवीस कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यरत थे. राष्ट्रपति शासन के कारण उनका यह पद भी चला गया है यह कहना है भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का. वे एक निजी मीडिया चैनल से बातचीत कर रहे थे.


अमित शाह के अनुसार मुख्यमंत्री ढाई ढाई साल का, यह विषय चुनाव परिणाम के बाद उपजा शिवसेना का एजेंडा है विधानसभा चुनाव के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस अपनी हर चुनावी सभा में अगले 5 साल के लिए भाजपा के देवेंद्र फडणवीस के ही मुख्यमंत्री होने की घोषणा करते रहे थे.


लोगों ने भी इसी आधार पर राज्य में भाजपा और शिवसेना को बहुमत दिया है अब शिवसेना नया एजेंडा जोड़ती है तो यह शिवसेना की विषय है. भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कल मंगलवार शाम को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के बाद विरोधी दल के नेताओं द्वारा दी जा रही प्रतिक्रिया पर कहा कि इस मामले में राज्यपाल को दोषी ठहराना बिल्कुल गलत है.


उनके अनुसार राज्य चुनाव परिणाम घोषित होकर 19 दिन बीत गए थे राज्य विधान सभा का 5 साल का कार्यकाल भी खत्म हो चुका था राज्यपाल ने बारी-बारी से राज्य के प्रमुख दलों को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जिसमें भाजपा सहित सभी दल नाकाम साबित हुए तब मजबूरी बस राज्यपाल ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश माननीय राष्ट्रपति से की.


भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह के अनुसार जो विरोधी दल यह दावा कर रहे हैं कि उन्हें राज्य में सरकार बनाने का मौका नहीं मिला तो यह उनका आरोप गलत है किसी भी दल के पास अगर बहुमत है तो वह आज भी राज्य के राज्यपाल के पास जाकर अपना दावा पेश कर सकते हैं और राज्य में सरकार बना सकते हैं.

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