२७ गावो में अवैध निर्माणों के भ्रष्ट्राचार खत्म होने का नाम नही.
कल्याण डोम्बिवली महानगरपालिका के २७ गावो में अवैध निर्माणों के भ्रष्ट्राचार खत्म होने का नाम नही ले रहा है. एक तरफ जहा राज्य सरकार यहाँ लगातार बढ़ रहे अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास का दिखावा कर रही है वहि इसके कोई सकारात्मक परिणाम नही दिख रहे है यहाँ अवैध निर्माण जोरो पर है
वहि राज्य सरकार ने यहाँ के अवैध निर्माणों के बिक्री के लिए अनेक नियम जारी किये थे. लेकिन यहाँ के बिल्डर ने इसका भी तोड़ निकाल लिया. सवसे खतरनाक स्थिति तो इन गावो में बिल्डरो द्वारा ग्राहकों को फ्लैट बेचने के बाद की है. कोई भी घर की चाह रखने वाला ग्राहक इन २७ गावो के अवैध निर्माण में अपना घर खरीदत़ा है. तो उसे और सम्बन्धित बिल्डर को उल्हासनगर क्राइम ब्रांच यूनिट ४ में जांच पड़ताल के लिए बुलाया जाता है
उल्लेखनीय है की कुछ माह पहले ठाणे के राकपा नेता जीतेन्द्र अव्हाड ने इन २७ गावो में अवैध निर्माण पर जोरदार ढंग से आवाज उठाई थी.उनके अनुसार यहाँ के अवैध इमारत के फ्लैट बिक्री के लिए ७५ से ८० हजार रुपये अवैध रूप से बिल्डर से वसूल कर इन अवैध निर्माण को वैधता प्रदान की जा रही है और उन्होंने राज्य सरकार से इस भ्रष्ट्राचार की जांच की मांग की थी. इसी आधार पर राज्य सरकार ने जांच का जिम्मा उल्हासनगर क्राइम यूनिट ४ को सौपी है मामला इस यूनिट के पुलिस निरीक्षक अमोल पाटिल के पास है.
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पुलिस सूत्रों के अनुसार २७ गावो के अवैध इमारतो के निर्माण के कागजात पूरी तरह से फर्जी है. इसमें जिलाधिकारी से लेकर ग्राम पंचायत कार्यालय तक के लगे हुए रबर स्टाम्प फर्जी है. और इन कागजातों के फर्जी होने की पुष्टि सम्बन्धित कार्यालय ने भी कर दी है. इन सब के बावजूद आज भी इन्ही फर्जी कागजातों पर अनेक अवैध निर्माण चल रहे है.
आश्चर्यजनक रूप से इन निर्माणों को जहा कल्याण डोम्बिवली मनपा प्रशासन बिना कोई जांच के पानी कनेक्शन और घर पट्टी जारी दे देते है बही अनेक निजी और कोपरेटिव बैंक की तरफ से लोन भी आसानी से मिल जाता है. लेकिन परेशानी सवसे ज्यादा इन अवैध निर्माणों में घर लेने वालो को होती है.
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