बड़े – बड़े होर्डिंग और वादों की झड़ी, चुनाव की घड़ी अब है आन पड़ी।
पांच साल तक जनता को अपने पैरों की जूती समझने वाले कल्याण लोकसभा के शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे अब चुनाव नज़दीक आता देख सक्रिय हो गए हैं। हर जगह शिंदे साहेब के होर्डिंग दिखने लगें हैं। कहीं कार्यों का शुभारम्भ हो रहा है तो कहीं जनता को पटाने के लिए सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। विगत पांच सालों में इन सांसद महोदय को जनता से मिलने का समय ही नहीं था।
हालात यह थे कि श्रीकांत शिंदे तय करते थे कि वह जनता से कब मिलेंगे ? शिवसेना कार्यालय के बाहर एक बोर्ड टांग दिया जाता था कि फलां दिन सांसद महोदय आएँगे आजम जनता तय समय में मिल सकेगी। उसके पश्चात सांसद महोदय अपनी बेशकीमती गाड़ी में बैठ कर निकल जाएंगे। आज जगह जगह होर्डिंग लगाकर नए कार्यों का शिलान्यास किया जा रहा है मगर बीते पांच सालों में क्या किया गया ? यह कहीं नहीं बताया जा रहा है।
भला ऐसा क्यों ? क्या पांच सालों में कुछ भी नहीं हुआ ! आज भी कल्याण लोकसभा क्षेत्र उपेक्षित ही है , कुछ भी सकारत्मक काम नहीं हुआ है। ना महामार्ग सुधरा है , ना पेयजल की समस्या हल हुई है , ना जनता को सांसद निधि से होने वाले विकास कार्यों को देखने का अवसर मिला है। कल्याण लोकसभा क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा तो राम भरोसे ही है। एक भी सरकारी अस्पताल नहीं है। निम् सरकारी अस्पताल के नाम पर मनपा का शास्त्री नगर अस्पताल है जो कि मरीज़ों से भी ज्यादा बीमार रहता है।
कल्याण लोकसभा क्षेत्र में निजी अस्पतालों की बाढ़ सी आयी हुई है। यह अस्पताल छोटी सी बीमारी होने पर भी मरीज़ों के परिजनों को इस कदर बढ़ा चढ़ा कर बताते हैं कि पूछिए ही मत। उस पर बिल का आंकड़ा तो देख कर ही मरीज़ के रिश्तेदार आई सी यू में चला जाएं । ऐसे में जनता कल्याण लोकसभा के सांसद श्रीकांत शिंदे की बातों में दुबारा आएगी ऐसा तो दिखता नहीं है। जनता कहने लगी है
बड़े – बड़े होर्डिंग और वादों की झड़ी
चुनाव की घड़ी अब है आन पड़ी।

