कल्याण की हिन्दू राष्ट्र जागृति सभा में हिन्दू एकता की हुंकार
तो संविधान में एक और संशोधन कर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करेंगे ! – अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, हिन्दू विधिज्ञ परिषद

कल्याण – ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर का प्रबंधन ठीक नहीं, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय उस विषय में चिंता व्यक्त कर, उस प्रकरण की सुनवाई करता है । उज्जैन के मंदिर में महादेव की पिंडी पर किस पानी से अभिषेक करना चाहिए, इसका निर्णय सर्वोच्च न्यायालय करता है ! बीयरबार में मद्य पीनेवाले लोगों के सामने बारबालाआें को नाचना चाहिए अथवा नहीं, समलैंगिक संबंध बनाना चाहिए अथवा नहीं, इसकी सुनवाई करने के लिए उच्चतम न्यायालय के पास समय है; परंतु पिछले ८ वर्ष से श्रीराम मंदिर की याचिका पर सुनवाई करने के लिए न्यायालय के पास समय नहीं है, यह हमारा दुर्भाग्य है । ‘भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर लिखित संविधान सर्वश्रेष्ठ है’, जब हम यह कहते हैं, तब उसमें परिवर्तन नहीं होना चाहिए । परंतु, संविधान में अबतक १०३ सुधार हो चुके हैं । संविधान में ‘सेक्युलर’ शब्द डॉ. आंबेडकर ने नहीं डाला था, इंदिरा गांधी ने आपातकाल में क्यों डाला ? यदि उनका संविधान संशोधन आपको स्वीकार है, तो उसी प्रकार एक और संविधान संशोधन हिन्दू राष्ट्र के लिए करेंगे, यह विचार हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर ने व्यक्त किया । वे, ३ फरवरी को कल्याण के यशवंतराव चव्हाण क्रीडांगण में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से आयोजित हिन्दू राष्ट्र जागृति सभा में बोल रहे थे । इस समय व्यासपीठ पर लष्कर-ए-हिन्द के राष्ट्रीय अध्यक्ष ईश्वरप्रसाद खंडेलवाल और हिन्दू जनजागृति समिति के युवा संगठनकर्ता श्री. सुमित सागवेकर भी उपस्थित थे । सनातन संस्था की सद्गुरू (कु.) अनुराधा वाडेकर ने दीपप्रज्वलन किया ।
‘छत्रपति शिवाजी महाराज की विजय हो’ इस जयघोष के साथ ईश्वर खंडेलवाल ने व्यासपीठ पर स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को पुष्पहार पहनाया । इसके पश्चात वेदमंत्र पढे गए । हिन्दू जनजागृति समिति के प्रशांत सुर्वे ने समिति के हिन्दू राष्ट्र स्थापना के उल्लेखनीय कार्य की जानकारी दी । इस सभा के लिए भिवंडी के श्रीराम आश्रम के पू. चिंतामणी पाटील महाराज एवं सनातन संस्था की पू. संगीता जाधव उपस्थित थे । धर्मांतर पर प्रतिबंध लानेवाला कानून जारी किया जाए, इस हेतु सभा स्थान पर लिए गए हस्ताक्षर अभियान को उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला । इस सभा में सैकडों धर्मप्रेमी उपस्थित थे ।
तो हिंदुस्थान का पाकिस्तान कब होगा, कह नहीं सकते ! – सुमित सागवेकर, युवा संगठक, हिन्दू जनजागृति समिति*
‘हिन्दू राष्ट्र’ यह केवल चार अक्षरों से बना शब्द नहीं, तो वह एक मंत्र है । आज यदि हिन्दू राष्ट्र के लिए संघर्ष नहीं किया, तो हिंदुस्थान का पाकिस्तान कब होगा, यह कह नहीं सकते । कश्मीर में ९६ प्रतिशत मुसलमान हैं । ‘भारत तेरे टुकडे होंगे, इन्श अल्ला’ ऐसी घोषणा कर भारत के टुकडे करने की धमकियां हमें दी जा रही है । ‘घर घर से अफजल निकलेगा’, ऐसी घोषणाएं सुनने में आई है । यदि किसी घर से देशद्रोही अफजल निर्मित हो रहे हो, तो ऐसे देशद्रोही प्रवृत्तियों के विरोध में संघर्ष करने के लिए हम शिवाजी महाराज के मावले बनेंगे ।
*हिन्दू राष्ट्र हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और हम उसे प्राप्त करके ही रहेंगे ! – ईश्वरप्रसाद खंडेलवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, लष्कर-ए-हिन्द*
बहुसंख्यक होते हुए भी हिन्दुस्थान में ही हिन्दुआें को अपमानित होना पड रहा है, यह हमारा दुर्भाग्य है । हिन्दुआें की परंपराआें पर आघात किए जा रहे हैं । यहां पाश्चात्त्यों की ‘डे’ संस्कृति को स्थापित करने के लिए पैसों की आपूर्ति की जा रही है । केवल हिन्दू राष्ट्र स्थापना ही गोहत्या, लव जिहाद, धर्मांतरण जैसी समस्याआें का एकमात्र विकल्प है । हिन्दू राष्ट्र हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और हम उसे प्राप्त कर के ही रहेंगे । हम अखंड हिन्दू राष्ट्र की स्थापना किए बिना शांति से नहीं बैठेंगे ।
*आधुनिकतावादी, राज्यकर्ता अथवा पुलिस प्रशासन चाहे कितना भी दमन करें; परंतु हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होकर रहेगी ! – वैद्या दीक्षा पेंडभाजे, सनातन संस्था*
सनातन को मिटाने के लिए अन्वेषण यंत्रणाएं किस प्रकार से जांच करती हैं, इसे हमने विगत १० वर्षों में निकटता से अनुभव कर रहे हैं । ‘हम हिन्दू धर्म का प्रचार और हिन्दू राष्ट्र-जागृति के लिए ओजस्विता के साथ कार्य करते हैं’, यही हमारा अपराध है । उसके कारण ही धर्मविरोधी विचारधारावाले लोग प्रतिशोध की भावना से हमें अपना लक्ष्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं । ‘कुछ आधुनिकतावादी और राजनेता तो सुबह उठते ही सनातन पर प्रतिबंध की मांग करते हैं और उसके पश्चात चाय पीते हैं’, यह स्थिति है । अर्थात मुर्गे केेके बांग नही देंने से सूर्योदय नही रुकता।। आधुनिकतावादी, राज्यकर्ता अथवा पुलिस प्रशासन सनातन के दमन का चाहे कितने भी प्रयास किए; किंतु वर्ष २०२३ में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होकर रहेगी ।

