मुंबई, दि. 29
बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने सी कोस्ट मार्ग परियोजना क्षेत्र और समुद्र के पास की मलिन बस्तियों में अपशिष्ट जल को संसाधित करने और पुन: उपयोग करने के लिए एक पायलट परियोजना शुरू की है। परियोजना के तहत 4 स्थानों पर उपचार केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं और इसके माध्यम से प्रतिदिन लगभग 4 लाख 85 हजार लीटर अपशिष्ट जल का प्रसंस्करण किया जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट में 4 ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा उपचारित पानी का उपयोग क्षेत्र के शौचालयों और पार्कों में किया जाएगा। शिवाजी नगर स्थित प्रसंस्करण केंद्र का काम अब अंतिम चरण में है और बाकी 3 प्रसंस्करण केंद्रों का काम भी तेजी से चल रहा है। शिवाजी नगर स्थित उपचार संयंत्र की क्षमता 50 हजार लीटर (केएलडी) सीवेज का उपचार करने की है और दरिया सागर उपचार संयंत्र की क्षमता 35 हजार लीटर है। व्यवसाय विकास विभाग के प्रमुख और स्माइल काउंसिल के निदेशक शशि बाला ने बताया कि दरिया नगर और मार्कंडेश्वर मंदिर क्षेत्र में उपचार केंद्रों की क्षमता क्रमशः 1 लाख लीटर और 3 लाख लीटर अपशिष्ट जल को संसाधित करने की होगी।
शशि बाला ने कहा कि कचरे को संसाधित करने और पुन: उपयोग करने के लिए आईआईटी मुंबई के पूर्व छात्र इंद्र कांत झा के स्टार्टअप ‘इमरजी एनवायरो’ द्वारा विकसित तकनीक पर आधारित ‘इंटीग्रेटेड वेटलैंड टेक्नोलॉजी’ परियोजना को स्माइल काउंसिल के माध्यम से शुरू किया गया है।
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