विहंगम योग संस्थान के संस्थापक सद्गुरु सदाफलदेवजी महाराज द्वारा लिखित ग्रंथ “स्वर्वेद” की एक महायात्रा आज सुबह ठाणे पूर्व स्थित यूनाइटेड स्पोर्ट्स क्लब के मैदान से निकाली गई। ध्यान, आध्यात्म और योग के माध्यम से जीवन को सफल और सार्थक बनाने की प्रेरणा देने वाले इस महान ग्रंथ का संदेश घर-घर और जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह हम महायात्रा धूमधाम से निकली। विहंगम योग संस्थान के वर्तमान आचार्य सद्गुरु स्वतंत्रदेवजी महाराज एवं संत प्रवर श्री विज्ञानदेवजी महाराज के आवाहन पर “एक बैनर एक साथ एक समय” देश-विदेश में फैले विहंगम योग संस्थान के आश्रमों से आज ऐसी ही यात्राएं एक ही समय निकाली गई। विहंगम योग संस्थान से जुड़े साधक जितेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि स्वर्वेद के नियमित अध्ययन एवं अनुकरण से जीवन की कई समस्याओं का निराकरण होता है। ध्यान, अध्यात्म एवं योग आधारित विहंगम योग की साधना से लाखों लोग जुड़े हैं। सभी लोग संयम-नियम, आसन, अनुशासन की सीख विहंगम योग के माध्यम से प्राप्त कर रहे हैं। विहंगम योग की लोकप्रियता विदेशों में भी खूब है। “विहंगम योग” की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुँचाना आज की महायात्रा का मूल उद्देश्य था। इसमें अच्छी तादाद में बुजुर्गों-महिलाओं सहित हजारों लोग बड़े उत्साह से शामिल हुए। भारी बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह जरा भी ठंडा नहीं पड़ा। श्री तिवारी ने बताया कि विहंगम योग की सेवाएं सभी के लिए निशुल्क उपलब्ध हैं। सभी को इसका लाभ उठाना चाहिए।
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