मुंबई, दि. 9
हमें समाज को ध्यानपूर्वक देखना चाहिए, यह ध्यान में रखकर कि समाज के प्रति हमारा कुछ न कुछ ऋण है। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. प्रकाश आमटे ने यहां कहा कि छात्रों को चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी परोपकारी प्रवृत्ति विकसित करनी चाहिए और धैर्य के साथ हर संकट का सामना करना चाहिए।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका निगम के बी.वाई.एल.नायर चैरिटेबल हॉस्पिटल और टोपीवाला नेशनल मेडिकल कॉलेज के छात्रों की पहल पर ‘महाराष्ट्र की परंपराओं का उत्सव’ की केंद्रीय अवधारणा पर आधारित दो दिवसीय कार्यक्रम ‘श्रवणसारी’ का आयोजन किया गया। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डाॅ. प्रकाश आमटे और डॉ. मंदाकिनी आमटे का साक्षात्कार डॉ. शुभम हिरेमठ और छात्रा भक्ति शिंदे द्वारा आयोजित किया गया था। उस समय डाॅ. आमटे बात कर रहे थे।
डॉ. आमटे ने यह भी अपील की कि चिकित्सा सेवाएँ बहुत आवश्यक सेवाएँ हैं और चिकित्सा की पढ़ाई करने वाले छात्रों को समर्पण के साथ चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करनी चाहिए।
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डाॅ. राजेंद्र धमाने, आईपीएस अधिकारी तेजस्वी सातपुते ने भी व्याख्यान दिये। दो दिवसीय कार्यक्रम में दिंडी के साथ जुलूस निकाला गया। गायन, नृत्य और नाटक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। बी.वाई.एल. नायर अस्पताल और टोपीवाला नेशनल मेडिकल कॉलेज में पिछले 38 वर्षों से ‘श्रावणसरी’ गतिविधि का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान दो दिनों तक डाइट भी मराठी शैली में रखी गई है।
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