मुंबई, दि. 13
महाराष्ट्र के 15 उद्योगों में न्यूनतम मजदूरी दरें समाप्त होने के बावजूद संशोधित मजदूरी दरें अभी तक लागू नहीं की गई हैं। महाराष्ट्र बिजली ठेकेदार संघ (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) ने मांग की है कि लंबित संशोधित वेतन दरें अंतर के साथ दी जानी चाहिए।
संगठन के पदाधिकारियों ने मुंबई के बांद्रा में श्रम आयुक्त सतीश देशमुख से मुलाकात की और उन्हें एक बयान सौंपा।
बिजली उद्योग की कंपनियों में 40 हजार से ज्यादा कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट बेस पर काम कर रहे हैं. इस बयान में यह भी मांग की गई है कि इन ठेका श्रमिकों के लिए संशोधित मजदूरी दर, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, खतरनाक उद्योग भत्ता के अनुसार न्यूनतम मजदूरी दरें तय की जानी चाहिए। बयान में यह भी कहा गया है कि इस मुद्दे पर महाराष्ट्र बिजली कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की जानी चाहिए।
इस अवसर पर नीलेश खरात, महासचिव सचिन मेंगले, कार्यकारी अध्यक्ष अमर लोहार और महाराष्ट्र बिजली कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन (संबद्ध भारतीय मजदूर) के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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