मुंबई, दि. 18
महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्य के आयोजक सुनील घनवत ने सभी गणेश भक्तों और सार्वजनिक गणेश मंडलों से इस वर्ष ‘हलाल-मुक्त गणेशोत्सव’ मनाकर देश की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।
वह सोलापुर में ‘श्रमिक जकार्ता संघ’ में हिंदू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे।
भले ही भारत में एफएसएसएआई और एफडीए जैसी खाद्य प्रमाणन संस्थाएं हैं, फिर भी हलाल के पक्ष में एक समानांतर इस्लामी अर्थव्यवस्था बनाई जा रही है। इस अर्थव्यवस्था के धन का उपयोग आतंकवादियों को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए किया जा रहा है। घनवट ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को भारत की सुरक्षा और अखंडता को देखते हुए निजी इस्लामिक संगठनों को अनुमति नहीं देनी चाहिए।
फिलहाल चातुर्मास चल रहा है और गणेश चतुर्थी भी आने वाली है. हर हिंदू को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ऐसे समय में हलाल प्रमाणित उत्पाद न आएं। इसके लिए हम पूरे देश में हलाल मुक्त गणेशोत्सव अभियान चला रहे हैं।
हम गणेशोत्सव के दौरान हलाल के खिलाफ विभिन्न गतिविधियां लागू करने जा रहे हैं। घनवट ने कहा कि देश में 15 फीसदी मुसलमानों के लिए ‘हलाल’ व्यवस्था को बाकी 85 फीसदी गैर-मुसलमानों पर थोपना उनके संवैधानिक धार्मिक अधिकारों के खिलाफ है।
हलाल सर्टिफिकेट के लिए 47 हजार रुपये का शुल्क लिया जाता है, जबकि व्यापारियों को हर साल नवीनीकरण के लिए 16 से 20 हजार रुपये का भुगतान करना पड़ता है। अब हर प्रतिष्ठान में 2 मुसलमानों को ‘हलाल इंस्पेक्टर’ के रूप में नियुक्त करना अनिवार्य कर दिया गया है। घनवट ने यह भी बताया कि इससे बड़ी मात्रा में धन निजी संगठनों को जा रहा है जिससे केंद्र सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है।
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