मुंबई, दि. 21
राज्य सरकार ने आवारा कुत्तों के स्थायी निपटान के लिए एक व्यापक नीति बनाने का निर्णय लिया है। उसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है।
राज्य के हर बड़े गांव, तालुका, शहर, महानगर में कुत्तों की गिनती और पंजीकरण कर आवारा और घरेलू कुत्तों की संख्या निर्धारित की जानी चाहिए। कोई भी आवारा कुत्ता सड़कों पर नहीं रहेगा, इसके लिए क्या उपाय किये जा सकते हैं और क्या कुत्ता गोद लेने की योजना लागू की जायेगी? समिति उस संबंध में भी सुझाव देना चाहती है।
पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में इस समिति में नगर विकास, स्वास्थ्य एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
आवारा कुत्तों से निपटने के लिए स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को क्या कार्रवाई करनी है, इसके निर्देश शहरी विकास विभाग पहले ही दे चुका है. अब इस संबंध में विस्तृत नीति तय की जायेगी।उसके लिए इस कमेटी का गठन किया गया है।
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