मुंबई, दि. 4
सेवानिवृत्ति के बाद भी पिछले कुछ वर्षों से अपना सर्विस क्वार्टर नहीं छोड़ने वाले ‘म्हाडा’ के पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
म्हाडा के सेवानिवृत्ति घरों पर सौ से अधिक सेवानिवृत्त लोगों ने कब्जा कर लिया है। इसमें कई सेवानिवृत्त इंजीनियर भी शामिल हैं। सेवानिवृत्त लोगों का कहना था कि इन मकानों को मालिकाना हक देने का फैसला सरकार के पास लंबित है।
2009 में, तत्कालीन म्हाडा उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौतम चटर्जी ने एक परिपत्र जारी किया था और यह स्पष्ट किया था कि सेवा आवास अब स्वामित्व द्वारा प्रदान नहीं किया जा सकता है।
2009 में इन सेवा आवासों को मालिकाना हक नहीं देने का निर्णय लिया गया था। लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया। लेकिन अब कहा जा रहा है कि ऐसा किया जाएगा।
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