मुंबई, दि. 7
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को मुंबई में कहा कि महाराष्ट्र में मराठी संतों की परंपरा से देश को समानता और भक्ति का संदेश मिला है।
राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद पहली बार महाराष्ट्र दौरे पर आईं द्रौपदी मुर्मू का राजभवन में राज्य सरकार की ओर से नागरिक अभिनंदन किया गया। वह उस समय बात कर रही थी।
इस अवसर पर राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर उपस्थित थे।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र वास्तव में एक महान राज्य है जो राष्ट्र के आत्मसम्मान और गौरव को बढ़ाने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज, समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले, संविधानविद् डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर जैसे समाज सुधारकों की भूमि है।
इस अवसर पर राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
अब आदिवासी इलाकों में बांटी जाएगी शैक्षणिक सामग्री अंबरनाथ: "मानव सेवा ही माधव सेवा है"…
"मानव सेवा ही माधव सेवा है" और "सेवा ही धर्म है" के मूल मंत्र को…
बदलापुर: अग्रवाल समाज कल्याण द्वारा सामाजिक सरोकार और मानवता की मिसाल पेश करते हुए बदलापुर…
"सेवा ही धर्म है, सहयोग ही परम पुण्य है" के ध्येय वाक्य को आत्मसात करते…
डोंबिवली: महाराष्ट्र के डोंबिवली में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां महाराष्ट्र…
अंबरनाथ/बदलापुर। नर सेवा ही नारायण सेवा है और जीव दया ही सबसे बड़ा धर्म है।…