प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए लखनऊ में ‘कृषि कुंभ’ को संबोधित किया
प्रधानमंत्री ने विश्वा स जताया कि इस कृषि कुंभ से कृषि क्षेत्र में नई प्रौद्योगिकी को अपनाने और बेहतर अवसर सृजित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
प्रधानमंत्री ने खाद्यान्नत की खरीद में उल्लेंखनीय वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए उत्तार प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के लिए उसकी सराहना की। उन्होंिने विशेष जोर देते हुए कहा कि किसानों की बदौलत ही देश आगे बढ़ता है। उन्हों ने वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए केन्द्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस संदर्भ में उन्हों ने कच्चेे माल की लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्नी कदमों का उल्लेीख किया। उन्हों ने कहा कि निकट भविष्यर में बड़ी संख्याए में सोलर पम्पम देश भर के खेतों में लगाए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार विज्ञान के लाभ कृषि क्षेत्र को सुलभ कराने की दिशा काम कर रही है। उन्होंमने कहा कि वाराणसी में चावल शोध केन्द्र स्थाेपित किया जा रहा है, जो इस दिशा में एक अहम कदम है।
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में मूल्यथवर्धन की अहमियत का भी उल्ले,ख किया। उन्हों ने खाद्य प्रसंस्कतरण क्षेत्र में उठाए जा रहे कदमों का जिक्र किया। उन्होंहने कहा कि हरित क्रांति के बाद अब दुग्ध उत्पा दन एवं शहद उत्पाकदन के साथ-साथ पोल्ट्री और मत्य् के पालन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने इस कृषि कुंभ के दौरान जल संसाधनों के समुचित उपयोग, भंडारण के लिए बेहतर तकनीक अपनाने और खेती-बाड़ी में नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेहमाल करने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श करने की जरूरत बताई। उन्होंदने ऐसी नई प्रौद्योगिकियां एवं तौर-तरीके विकसित करने की जरूरत पर विशेष बल दिया, जिससे आगे चलकर किसानों को पराली जलाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

