टारगेट पूरा करने के चक्कर में कल्याण कोर्ट बैच के टी.सी ने जान गवाई।
रेलवे प्रशासन द्वारा टिकट कॉलेक्टरों को दिए गए टारगेट को पूरा करने के चक्कर में कल्याण कोर्ट बैच के टी.सी ने अपनी जान से हाथ धो लिया। सूत्रों के अनुसार अरुण गायकवाड़ कसारा से कल्याण लोकल चेक करते हुये आ रहे थे। कसारा एवं खरडी के बीच उमरमाली नाम के अर्ध विकसित स्टेशन पर उन्हें एक संदिगध यात्री नज़र आया। उन्होंने उसे चेक करने के लिये अपना डब्बा बदलना चाहा और इतने में गाड़ी चल दी ,
और वे अफरा तफरी में गाड़ी में नही चढ पाये एवं धक्का लगने के कारण वही पटरी पर गिर गये जिससे सिर में गहरी चोट आई। शीग्र हस्पताल ले जाया गया और वही डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मृत्यु की खबर सुनते ही समस्त रेल कर्मचारियो में दुख की लहर छा गयी।
जब इस घटना के विषय मे मुम्बई आसपास के प्रतिनिधि ने उपस्थित लोगों से बात करना चाहा तो लोगो ने दबी ज़बान से इस दुखद घटना का जिम्मेदार रेल प्रशासन द्वारा कर्मचारियो पर थोपे गये जबरदस्त टारगेट को ठहराया ,जिसको पूरा करने के लिये कर्मचारी को अपनी जान की बाज़ी भी लगानी पड़ती हैं। लेकिन प्रशासन पर इसका कोई असर नही होता हैं, उन्हें तो खाली टारगेट पूरा होने से मतलब होता हैं।

